उमरेड में नकली नोटों की कार्रवाई के दौरान वन्यजीवों के अंग बरामद, जांच पर उठे सवाल

कथित तौर पर बाघ के दांत और वन्यजीवों के सींग मिलने की जानकारी; सप्लाई करने के आरोपों पर कार्रवाई का इंतजार
नागपुर जिले के उमरेड में नकली नोटों के मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर वन्यजीवों के अंग बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से बाघ के दांत और वन्यजीवों के सींग मिले। इस बरामदगी के बाद वन विभाग की भूमिका और अब तक की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

उमरेड में नकली नोटों के मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आई बरामदगी ने अब मामले को नया मोड़ दे दिया है। नकली नोटों की जांच के दौरान आरोपियों के पास से कथित तौर पर बाघ के दांत और वन्यजीवों के सींग बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
वन्यजीवों के अंग बरामद होने के बाद यह मामला केवल नकली नोटों तक सीमित नहीं रह गया है। वन्यजीवों से जुड़े इन कथित अवशेषों की जांच और इनके स्रोत को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेष रूप से वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है।
सूत्रों के मुताबिक, उमरेड के ही एक स्थानीय व्यक्ति पर आरोपियों को कथित तौर पर वन्यजीवों के अंग उपलब्ध कराने का आरोप सामने आया है। आरोप यह भी है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

बताया जा रहा है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर संबंधित व्यक्ति के घर पर भी वन्यजीवों के अंग होने की बात कही गई है। ऐसे में अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि कथित वन्यजीव अंग कहां से प्राप्त किए गए और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में बरामद सामग्री की पहचान, उसका स्रोत और उसकी वैधता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच से ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद है।

फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि कथित वन्यजीव अंगों की बरामदगी के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है। साथ ही, कथित तौर पर सप्लाई करने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच होती है या नहीं, इस पर भी सबकी नजर बनी हुई है।



