अमेरिका में महाविनाशक शीतकालीन तूफान का कहर, 18 करोड़ लोग संकट में, 15 राज्यों में आपातकाल

अमेरिका इस समय भीषण शीतकालीन तूफान की चपेट में है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। टेक्सास से लेकर न्यू इंग्लैंड तक लगभग 2,000 मील के विशाल इलाके में फैले इस तूफान ने करीब 18 करोड़ लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और व्यापक बिजली कटौती के चलते अब तक 15 राज्यों में आपातकाल घोषित किया जा चुका है।
इस बर्फीले तूफान का सबसे बड़ा असर हवाई यातायात पर पड़ा है। ‘फ्लाइटअवेयर’ के मुताबिक, अमेरिका के दक्षिणी, पूर्वी और मध्य हिस्सों के प्रमुख हवाई अड्डों पर 1,800 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। तेज बर्फीली हवाओं और बेहद कम दृश्यता के कारण सड़क यात्रा भी जानलेवा बनती जा रही है।
राष्ट्रीय मौसम सेवा (NWS) ने चेतावनी दी है कि ओक्लाहोमा से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक एक फुट से अधिक बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही फ्रीजिंग रेन और ओलावृष्टि ने बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन का कहना है कि पेड़ों के गिरने और पावर ग्रिड फेल होने से कई इलाकों में कई दिनों तक बिजली बहाल न होने की आशंका है।
तूफान की चेतावनी मिलते ही मिसिसिपी, टेक्सास और वाशिंगटन डीसी सहित कई राज्यों में लोगों ने जरूरी सामान की घबराहट में खरीदारी शुरू कर दी। नतीजतन, कई किराना स्टोर्स में दूध, पानी और ब्रेड जैसी आवश्यक वस्तुएं खत्म हो चुकी हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान अब घनी आबादी वाले मध्य-अटलांटिक और उत्तरपूर्वी राज्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार तक हालात और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई गई है। शून्य से कई डिग्री नीचे गिरता तापमान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को बढ़ा रहा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और आपात दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



