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केलवद कमांडो एकेडमी के संचालक पर POCSO के तहत कार्रवाई; नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप

शिक्षा विभाग की जांच में एकेडमी बिना अनुमति संचालित होने का दावा; 21 विद्यार्थियों का स्कूल में दाखिला नहीं होने की जानकारी

सावनेर | प्रतिनिधि

सिटी न्यूज में आपका स्वागत है। सावनेर तालुका के केलवद में एक कमांडो एकेडमी के संचालक पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में POCSO कानून के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने एकेडमी संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत नागपुर सेंट्रल जेल भेजे जाने की जानकारी दी है। वहीं, शिक्षा विभाग की जांच में एकेडमी के बिना अनुमति संचालित होने और कुछ विद्यार्थियों का किसी स्कूल में दाखिला नहीं होने की बात भी सामने आई है। इस पूरे मामले के बाद अभिभावकों में नाराजगी है।

सविस्तर रिपोर्ट

मामला सावनेर तालुका के केलवद पुलिस थाना क्षेत्र का है। यहां संचालित कमांडो आर्मी पुलिस करियर एकेडमी सैनिक स्कूल के संचालक हरिश्चंद्र राणे, उम्र 38 वर्ष, निवासी सावनेर के खिलाफ नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में कार्रवाई की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, जून 2026 में केलवद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एकेडमी संचालक ने नाबालिग छात्रा को कार्यालय के पीछे बुलाया और उसके साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की।

शिकायत के बाद केलवद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में लिया। मामले में POCSO अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत नागपुर सेंट्रल जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

शिक्षा विभाग की जांच में क्या सामने आया?

मामला सामने आने के बाद सावनेर पंचायत समिति के गटशिक्षणाधिकारी अभिजीत कावले और उनकी टीम ने एकेडमी का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान एकेडमी कई वर्षों से कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति के संचालित होने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।

बताया गया है कि इस संस्थान में करीब 70 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे थे। इनमें तीसरी से आठवीं कक्षा तक के 21 विद्यार्थियों का किसी स्कूल में दाखिला नहीं होने की जानकारी अधिकारियों की जांच में सामने आई।

इसके बावजूद अभिभावकों से करीब एक लाख रुपये तक फीस लिए जाने का दावा किया गया है।

जांच के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभिभावकों को बुलाया और संबंधित विद्यार्थियों को उनके माता-पिता की कस्टडी में सौंपे जाने की जानकारी है।

अभिभावकों में नाराजगी

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि यदि संस्था लंबे समय से बिना अनुमति के संचालित हो रही थी, तो शिक्षा विभाग की ओर से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गई?

अभिभावकों ने एकेडमी संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

ट्यूशन और निजी संस्थानों की निगरानी का मुद्दा

इस घटना के बाद निजी ट्यूशन क्लास और करियर एकेडमी की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों की मांग है कि ऐसी संस्थाओं की नियमित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और नियमानुसार शैक्षणिक वातावरण मिले।

फिलहाल नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में पुलिस की जांच जारी है। वहीं, एकेडमी के संचालन और विद्यार्थियों के स्कूल में दाखिले से जुड़े मुद्दों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई भी आगे बढ़ने की संभावना है।

अब बड़ा सवाल यही है कि बिना अनुमति इतने वर्षों से संस्था संचालित होने की शिकायतों की जिम्मेदारी किसकी है और विद्यार्थियों की शिक्षा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है?

संवाददाता — किशोर ढुंढेले, सावनेर | सिटी न्यूज

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