होप और आयुष्मान हॉस्पिटल से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग

डॉ. मुरली बी.के. बोले—सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों के आधार पर हो जांच; डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी जोर
नागपुर | 3 अक्टूबर 2026 : होप हॉस्पिटल और आयुष्मान हॉस्पिटल से जुड़े मामले तथा कथित खंडणी प्रकरण को लेकर डॉ. मुरली बी.के. ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ऑफ नागपुर में पत्रकार परिषद आयोजित करने की जानकारी दी गई है।
डॉ. मुरली का कहना है कि पूरे मामले में सभी संबंधित पक्षों को सुनना जरूरी है और उपलब्ध दस्तावेजों एवं तथ्यों के आधार पर जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मरीजों के साथ डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
डॉ. मुरली ने कहा कि किसी भी उपचार को लेकर मरीजों या उनके परिजनों की शिकायत है तो उसकी उचित प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कथित धमकी अथवा पैसों की मांग से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने रखकर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
FIR क्रमांक 0720 की प्रति उपलब्ध कराने का दावा
डॉ. मुरली की ओर से FIR क्रमांक 0720 की एक स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई गई है। इसमें पंचपावली पुलिस स्टेशन, नागपुर शहर का उल्लेख है। दस्तावेज के अनुसार FIR दर्ज होने की तारीख 30 सितंबर 2026 और समय रात 10 बजकर 55 मिनट बताया गया है।
हालांकि, उपलब्ध स्कैन कॉपी की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। FIR में दर्ज आरोप फिलहाल जांच का विषय हैं। केवल FIR दर्ज होने से किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि या चिकित्सकीय लापरवाही स्वतः सिद्ध नहीं होती।
बातचीत के वीडियो भी उपलब्ध कराने का दावा
इसके अलावा डॉ. मुरली की ओर से करीब 22 मिनट 54 सेकंड की बातचीत के दस लगातार वीडियो उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, ये वीडियो उनकी शिकायत में नामित व्यक्तियों के साथ हुई बातचीत से संबंधित हैं।
हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले अथवा बातचीत में शामिल व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऑडियो स्तर में बदलाव किया गया है और ऑटोमेटिक हिंदी-मराठी ट्रांसक्रिप्शन में त्रुटियों की संभावना भी बनी हुई है।
जिम्मेदार रिपोर्टिंग की अपील
डॉ. मुरली ने मीडिया से अपील की है कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले संबंधित दस्तावेजों और पूरी रिकॉर्डिंग की जांच की जाए। उन्होंने आरोपों और सत्यापित तथ्यों के बीच स्पष्ट अंतर रखने की बात कही है।
साथ ही मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने और मामले की जांच प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की गई है।
फिलहाल इस मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और वीडियो से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले के अंतिम तथ्य पुलिस जांच और संबंधित प्राधिकरणों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होंगे।



