सप्तरंगी हिंदी महोत्सव में पुस्तकों का विमोचन, लप्पी भैया का सत्कार

‘धरोहर’ और ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिंदी भाषा’ पुस्तकों का हुआ विमोचन
अमरावती, प्रतिनिधि : सप्तरंगी हिंदी साहित्य संस्था की ओर से आयोजित एक दिवसीय हिंदी महोत्सव साहित्यिक गतिविधियों और विविध कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। साथ ही प्रतिष्ठित समाजसेवी श्री चंद्रकुमार जाजोदिया ‘लप्पी भैया’ का सत्कार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं श्री जाजोदिया ने की।
कार्यक्रम में राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के प्रधानमंत्री श्री हेमचंद वैद्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ वरिष्ठ साहित्यकार श्री भगवान वैद्य ‘प्रखर’, पुस्तक लेखक डॉ. संजय धोटे, लेखिका श्रीमती रजनी राठी, संस्था के अध्यक्ष श्री नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ तथा सचिव श्रीमती बरखा शर्मा ‘क्रांति’ मंच पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के शाल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान के साथ हुई। इसके पश्चात लेखिका श्रीमती रजनी राठी की पुस्तक ‘धरोहर’ तथा लेखक डॉ. संजय धोटे की पुस्तक ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हिंदी भाषा : वर्तमान संभावनाएं एवं चुनौतियां’ का विमोचन किया गया।

पुस्तकों की समीक्षा ने खींचा ध्यान
श्रीमती रजनी राठी की पुस्तक ‘धरोहर’ की समीक्षा श्री लक्ष्मीकांत खंडेलवाल ने प्रस्तुत की। वहीं डॉ. संजय धोटे की पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार श्री भगवान वैद्य ‘प्रखर’ ने की।
अपने संबोधन में श्री भगवान वैद्य ‘प्रखर’ ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के दौर में हिंदी भाषा के सामने मौजूद संभावनाओं और चुनौतियों को समझने की दिशा में यह पुस्तक उपयोगी है। उन्होंने कहा कि पुस्तक युवाओं के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकती है।
साहित्यकारों को मंच उपलब्ध कराने का प्रयास
संस्था की सचिव श्रीमती बरखा शर्मा ‘क्रांति’ ने कहा कि सप्तरंगी हिंदी साहित्य संस्था लगातार साहित्यकारों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उनकी साहित्यिक रचनाओं को मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्था साहित्यिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत रहेगी।
संस्था के अध्यक्ष श्री नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ ने कहा कि संस्था से जुड़े सभी कवियों की कम से कम एक पुस्तक प्रकाशित करने का प्रयास भविष्य में किया जाएगा। उन्होंने साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी रचनाओं को पाठकों तक पहुंचाने की दिशा में संस्था की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती नीलिमा भोजने ‘नीलम’ ने आभार प्रदर्शन किया। एक दिवसीय हिंदी महोत्सव के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष नरेंद्र देवरणकर ‘निर्दोष’ ने सभी सदस्यों की मेहनत, लगन और सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
साहित्य, पुस्तकों और हिंदी भाषा के विविध पहलुओं को केंद्र में रखकर आयोजित यह हिंदी महोत्सव साहित्यप्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।



