UPI शुल्क के मुद्दे पर वित्त मंत्रालय और CAIT के बीच होगी विस्तृत चर्चा

व्यापारियों की चिंताओं पर समाधान तलाशने को तैयार केंद्र; CAIT की मांग—डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिले, लेकिन व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े
नई दिल्ली/अमरावती | प्रतिनिधि
UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस लेनदेन पर संभावित शुल्क को लेकर देशभर के व्यापारियों में बनी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार की ओर से सकारात्मक पहल सामने आई है। जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानी CAIT के बीच इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होने वाली है।
इस पहल से व्यापारी वर्ग में राहत और उम्मीद का माहौल बना है। व्यापारियों की चिंताओं और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े संभावित आर्थिक प्रभावों को लेकर CAIT लगातार केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहा है।
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया तथा राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन की ओर से व्यापारियों से जुड़े विभिन्न आर्थिक और नीतिगत मुद्दे सरकार के सामने उठाए जाते रहे हैं। हाल के दिनों में UPI भुगतान व्यवस्था से जुड़े संभावित शुल्क और उसके व्यापारियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी संगठन ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
CAIT का कहना है कि देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने में व्यापारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। छोटे दुकानदारों से लेकर मध्यम और बड़े कारोबारियों तक ने UPI को व्यापक रूप से अपनाया है। इससे नकद रहित लेनदेन को बढ़ावा मिला है और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
ऐसे में यदि UPI लेनदेन पर किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो उसका असर विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर पड़ने की आशंका CAIT ने जताई है।
संगठन का कहना है कि देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन इसके साथ व्यापारियों के हितों का संरक्षण भी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए CAIT ने वित्त मंत्रालय के समक्ष अपनी चिंताएं और सुझाव रखे हैं।
अब वित्त मंत्रालय और CAIT के बीच प्रस्तावित विस्तृत चर्चा को लेकर व्यापारी वर्ग को उम्मीद है कि ऐसा समाधान सामने आएगा, जिससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था मजबूत बनी रहे और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
CAIT पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि सरकार व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों और उनकी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित समाधान तलाशेगी। संगठन का मानना है कि वित्त मंत्रालय और CAIT के बीच होने वाला संवाद इस मुद्दे पर सकारात्मक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
इस संबंध में जानकारी CAIT के राष्ट्रीय कार्यकारिणी कोऑर्डिनेटर श्याम शर्मा तथा विदर्भ प्रांत अध्यक्ष विनोद कलंत्री ने दी।
अब सबकी नजर वित्त मंत्रालय और CAIT के बीच होने वाली चर्चा पर है और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि UPI शुल्क को लेकर व्यापारी वर्ग की चिंताओं का क्या समाधान निकलता है।
सिटी न्यूज के लिए विशेष रिपोर्ट।



