40 वर्षों बाद दुर्लभ संयोग! 17 फरवरी को ‘रिंग ऑफ फायर’ सूर्य ग्रहण — राशियों पर पड़ेगा बड़ा असर

साल 2026 खगोलीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस वर्ष कुल चार ग्रहण लगेंगे — दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। साल का पहला और सबसे खास सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा, जिसे वैज्ञानिक जगत में “रिंग ऑफ फायर” (वलयाकार सूर्य ग्रहण) कहा जाता है।
यह सूर्य ग्रहण शाम 05:31 बजे शुरू होकर 07:57 बजे तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा, जिससे आकाश में अग्नि-वलय जैसा अद्भुत दृश्य दिखाई देगा। यह खगोलीय घटना न केवल वैज्ञानिकों बल्कि आध्यात्मिक साधकों और ज्योतिष प्रेमियों के लिए भी विशेष महत्व रखती है।
हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां **सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा—कुछ के लिए शुभ तो कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण।
सबसे बड़ी बात यह है कि यह ग्रहण अत्यंत दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग में घटित हो रहा है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार, जब मंगलवार को अमावस्या हो और चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में स्थित हो, तब यह समय कला, लेखन, साधना और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि ऐसा संयोग लगभग 40 वर्षों बाद बन रहा है — इससे पहले यह स्थिति 1962 में बनी थी।
खगोलविदों और ज्योतिषियों दोनों की नजरें इस ऐतिहासिक खगोलीय घटना पर टिकी हैं।



