128 वर्षों का इतिहास बदला! डॉ. संजना शर्मा बनीं पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन की पहली महिला चीफ कंट्रोलर

देश के प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक Petroleum and Explosives Safety Organisation (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) के 128 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी महिला को सर्वोच्च तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. संजना शर्मा को संस्था का नया चीफ कंट्रोलर नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है।
ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित इस संस्थान में अब तक चीफ कंट्रोलर का पद केवल पुरुष अधिकारियों के पास ही रहा था। ऐसे में डॉ. संजना शर्मा की नियुक्ति महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक नेतृत्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
डॉ. शर्मा पिछले तीन से साढ़े तीन दशकों से संस्थान को अपनी सेवाएं दे रही हैं। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने बड़ौदा, चेन्नई, फरीदाबाद और चंडीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और अपनी प्रशासनिक दक्षता तथा तकनीकी विशेषज्ञता का परिचय दिया। इसके अलावा उन्होंने फॉरेंसिक विभाग में भी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की हैं।
जयपुर में शिक्षा प्राप्त करने वाली डॉ. संजना शर्मा अपने सौम्य, मिलनसार और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। 1 जून को उन्होंने नागपुर स्थित मुख्य कार्यालय में चीफ कंट्रोलर पद का कार्यभार ग्रहण किया।
देश में राष्ट्रपति पद से लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक और तकनीकी पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के बीच डॉ. शर्मा की यह नियुक्ति महिला नेतृत्व की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उनकी उपलब्धि से देशभर की युवतियों और पेशेवर महिलाओं को नई प्रेरणा मिलेगी।
संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है। अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों का मानना है कि डॉ. शर्मा के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के तहत संस्थान नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा सुरक्षा और तकनीकी उत्कृष्टता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
डॉ. संजना शर्मा के सम्मान में विभिन्न स्थानों पर अभिनंदन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को देश के तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।



