ब्रह्मकूमरीज द्वारा गोळे मेडिकल कॉलेज अमरावती में “डिजिटल वेलनेस” पर प्रभावशाली कार्यक्रम संपन्न
मोबाइल युग में बढ़ते तनाव से आत्महत्या रोकने हेतु इमोशनल क्वोटिएंट और आध्यात्मिकता आवश्यक – डॉ. सचिन परब
अमरावती | दि. 03 फरवरी 2026
वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल और तकनीक के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न मानसिक तनाव, अवसाद और बढ़ती आत्महत्याओं की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए गोले मेडिकल कॉलेज, अमरावती में “डिजिटल वेलनेस” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारीज़ के मोटिवेशनल स्पीकर एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक डॉ. बी.के. सचिन परब रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी और विचारोत्तेजक मार्गदर्शन में कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं में Emotional Quotient (EQ) को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। केवल बौद्धिक विकास नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण ही उन्हें तनाव से बाहर निकाल सकता है।
डॉ. सचिन परब ने स्पष्ट किया कि डिजिटल साधन सुविधा हैं, परंतु उनका असंतुलित उपयोग मानसिक अस्थिरता, एकाकीपन और नकारात्मकता को जन्म दे रहा है। ऐसे में ब्रह्माकुमारीज़ के राजयोग और आत्मिक ज्ञान के माध्यम से मन को स्थिर, सकारात्मक और सशक्त बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति में
Hon. CEO IBSS & DRGMCH डॉ. योगेश गोड़े,
Hon. Dean डॉ. सुधा जैन,
Hon. Director डॉ. सुनील हाटकर,
विशेष अतिथि डॉ. एस. चाबरा (Prof. Emeritus, MGIMS सेवाग्राम),
ब्रह्माकुमारीज़ अमरावती की प्रमुख बीके सीता दीदी,
डॉ. आशा ठाकरे,
डॉ. स्मिता दामके (Incharge – Cultural Committee)
सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक, प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी मान्यवरों ने डिजिटल वेलनेस जैसे संवेदनशील विषय पर ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा किए जा रहे सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयासों की सराहना की तथा ऐसे कार्यक्रमों को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा हेतु आध्यात्मिकता, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच को जीवन का अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ शर्मिष्ठा बेले मॅडम और आभार डॉ सीता मॅडम ने किया



