दो सगी बहनों ने की पिता की गला रेतकर हत्या

मुजफ्फरनगर जिले के भोपा क्षेत्र के एक गांव से बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां दो सगी बहनों ने अपने ही 60 वर्षीय किसान पिता की गला रेतकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की वजह घर में बेटा-बेटी के बीच किया जा रहा कथित भेदभाव बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 16 और 32 वर्ष की दोनों बहनें पिछले कुछ समय से अपने पिता के व्यवहार से परेशान थीं। परिवार के लोगों का कहना है कि पिता अक्सर बेटे को “कुल का दीपक” कहकर प्राथमिकता देते थे, जबकि बेटियों को ताने मारते और उनके अविवाहित होने को लेकर अपमानित करते थे। इसी मानसिक दबाव और रोज-रोज के तानों से आहत होकर दोनों बहनों ने खौफनाक साजिश रची।
सोते समय किया हमला
बताया जा रहा है कि रविवार रात दोनों बहनों ने पहले अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों के भोजन में नींद की गोलियां मिला दीं। जब सभी गहरी नींद में सो गए, तब छोटी बहन ने पिता के पैर पकड़ लिए और बड़ी बहन ने रसोई में रखे चाकू से उनका गला रेत दिया। वारदात के बाद आरोपी बहनों ने सबूत छिपाने की भी कोशिश की।
सोमवार सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य जागे तो उन्होंने पिता को खून से लथपथ मृत अवस्था में पाया। सूचना मिलते ही भोपा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो घंटे में खुला राज
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर दोनों बहनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने नींद की गोलियों के दो पत्ते और हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू बरामद कर लिया है। बड़ी बहन द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी चारे के ढेर से बरामद किए गए।
ग्रामीण एसपी आदित्य बंसल ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपी बहनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सामाजिक सोच पर सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव और पारिवारिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। हालांकि कानून अपने हाथ में लेना किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं है, लेकिन यह मामला परिवारों में संवाद और समान व्यवहार की आवश्यकता की ओर इशारा करता है।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।



