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दिल्ली-NCR और यूपी-बिहार में गिरा पारा, दक्षिण भारत के इन राज्यों में IMD का अलर्ट

हिमालयी राज्यों सहित उत्तर भारत के राज्यों में उत्तर पश्चिमी हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में धीरे-धीरे ठंड की बढ़ रही है। वहीं दक्षिण भारत में लौटते उत्तर पूर्वी मानसून के कारण भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने इन राज्यों में अलर्ट जारी किया है।

उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में सर्द हवाओं के साथ ही हल्की गुलाबी ठंढ ने भी दस्तक दे दी है। जहां एक और पहाड़ी राज्यों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है, वहीं दक्षिण के राज्यों में लौटते हुए उत्तर पूर्वी मानसून का असर नजर आने वाला है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के राज्यों में आने वाले 7 दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

हिमालयी राज्यों में कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग की माने तो पहाड़ों में तेजी से ठंड बढ़ने की संभावना है। हिमालयी राज्यों में आने वाले 30 अक्टूबर तक हल्के बादल रह सकते हैं, जिससे बारिश के साथ-साथ बर्फवारी होने की संभावना है। उत्तराखंड में एक बार फिर अगले 2 दिनों तक बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली एनसीआर में सर्दियों की दस्तक के साथ ही हल्का कोहरा और धुंध दिखने लगा है। इसके साथ ही शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का तापमान 18-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। यहां उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाओं का असर देखने को मिलने लगा है। सुबह-सुबह गुलाबी ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है। इसके साथ ही दिल्ली की खराब हवा का सामना भी लोगों को करना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का हाल सामान्य रहने की संभावना है। ठंडी और शुष्क हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। इसके साथ ही अधिकांश इलाकों में दिन के समय तेज धूप रहेगी। शुबह-शाम गुलाबी सर्दी का एहसास रहेगा। वहीं तापमान में भी गिरावट देखी जाने की संभावना है।

बिहार में दीवाली तक मौसम साफ रहने की संभावना है। दिन के समय तेज धूप के कारण हल्की गर्मी का अहसास होगा। उत्तर पश्चिमी हवाओं के असर के साथ ही तामपान में गिरावट जारी रहेगी। इसका साथ धीरे-धीरे ठंड बढ़ेगी।

मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में आगामी 7 दिनों में भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अरब सागर में बन रहे कम दवाब के क्षेत्र के कारण चक्रवातीय परिस्थितियां (cyclonic circulation) बनने की संभावना है। यह भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ते हुए और मजबूत होगा। जिसका असर केरल और तमिलनाडु पर पड़ने की संभावना है।

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