प्रयागराज में माघ मेले का भव्य शुभारंभ

3 जनवरी 2026 (शनिवार) को पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ माघ मेले का 44-दिनीय आयोजन त्रिवेणी संगम पर शुरू हो गया है। संगम की पावन रेती पर श्रद्धालुओं का आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, जहां सुबह से लोग पवित्र डुबकी लगाकर पुण्य लाभ ले रहे हैं। प्रशासन के अनुसार पहले दिन तक लाखों श्रद्धालुओं ने स्नान किया है और बड़ी संख्या में कल्पवासी भी संगम तट पर साधना-भक्ति में लीन हैं।
बड़ा धार्मिक उत्साह, भीड़ और श्रृद्धालुओं की संख्या
इस बार उत्साह पिछले वर्षों से अधिक दिख रहा है। पहले स्नान के लिए 20-30 लाख श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने की संभावना जताई जा रही है। करीब 4-5 लाख कल्पवासी भी नियमित स्नान और तपस्या के लिए यहां आ रहे हैं।
सुरक्षा और सुविधा — व्यापक इंतजाम
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने 10,000 से अधिक सुरक्षा जवान, एनडीआरएफ टीमों, जल पुलिस, पैरामिलिटरी और AI आधारित CCTV निगरानी तैनात की है ताकि भीड़-प्रबंधन बेहतर हो। 400+ हाई-टेक कैमरे और ड्रोन निगरानी – सीसीटीवी, वॉच टावर और रेलवे/बस स्टैंड समेत शहर भर में सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्रशासन ने पांटून पुलों और मार्गों को डेडिकेट किया है जिससे आगे-पीछे आने-जाने का संचालन सुविधाजनक हुआ है।
यातायात और सहूलियतें
प्रयागराज में 270 UPSRTC बसें और कई इलेक्ट्रिक शटल सर्विसेज़ भी श्रद्धालुओं को आसान पहुँच देने के लिए चल रही हैं। भारतीय रेलways ने अतिरिक्त ट्रेन ठहराव और सेवाएँ घोषित की हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिले।
स्वास्थ्य, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाएँ
स्वास्थ्य के लिए मेडिकल व्यवस्था, सफाई, जागरूकता और फूड सेफ्टी उपाय लागू किए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य स्वच्छ और सुरक्षित मेला क्षेत्र सुनिश्चित करना है, जिसमें रात्रि-आवास, सफाई मित्र और हेल्पडेस्क शामिल हैं।
आगे की प्रमुख स्नान तिथियाँ
माघ मेले के मुख्य स्नान पर्व इस प्रकार हैं:
📌 मकर संक्रांति — 14 जनवरी
📌 मौनी अमावस्या — 18 जनवरी
📌 बसंत पंचमी — 23 जनवरी
📌 माघी पूर्णिमा — 1 फरवरी
📌 महाशिवरात्रि — 15 फरवरी एवं मेले का समापन दिन
इस साल माघ मेला प्रयागराज में आस्था, भीड़ और प्रशासनिक तैयारियों के नए मानदंड के साथ शुरू हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा-सुविधा, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर व्यापक इंतजामों का प्रभाव दिख रहा है। अगले प्रमुख स्नान कार्यक्रमों में भी लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।



