मुंबई: फर्जी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बनकर गैस डीलर से 1 करोड़ की ठगी, दिंडोशी पुलिस ने दर्ज किया केस

मुंबई : महानगर में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां फर्जी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बनकर गैस डीलर से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(4), 308(5), 308(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लापता होने के बाद खुला पूरा राज
मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित गैस डीलर राहुल गुप्ता (39) को पुलिस ने पालघर के दहानू रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद किया। राहुल, मालाड पूर्व के निवासी हैं और भारत पेट्रोलियम गैस के बड़े डीलर हैं। 15 दिसंबर को वह अचानक बिना किसी को बताए घर से निकल गए थे, जिसके बाद उनकी पत्नी ने दिंडोशी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
चंदे से शुरू हुई ठगी की साजिश
पुलिस पूछताछ में राहुल ने बताया कि मलाड अप्पा पाड़ा स्थित उनके गैस गोदाम पर पिछले तीन-चार वर्षों से प्रवीण खेडेकर नामक व्यक्ति गणपति मंडल के नाम पर चंदा लेने आता था। सितंबर महीने में उसने परेशानी का हवाला देकर पहले 2,100 रुपये, फिर सितंबर-अक्टूबर के दौरान चार बार में 10,600 रुपये ट्रांसफर करवाए।
फर्जी जॉइंट सीपी बनकर दी गिरफ्तारी की धमकी
कुछ समय बाद राहुल को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को मुंबई पुलिस का जॉइंट सीपी बताते हुए आरोप लगाया कि प्रवीण खेडेकर ने हत्या की है और राहुल ने उसे सुपारी दी है। गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पहले 50 हजार रुपये मांगे गए, जो राहुल ने डर के कारण धनजेवाड़ी बीएमसी गार्डन के पास नकद दे दिए।
एनकाउंटर और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी
इसके बाद ठगों ने कभी हत्या केस तो कभी पुलिस कमिश्नर से सेटिंग कराने के नाम पर लगातार पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। अंधेरी फ्लाईओवर के पास 7 लाख रुपये नकद लिए गए। फर्जी पुलिस कमिश्नर बनकर 20 लाख रुपये की मांग पैसे न देने पर एनकाउंटर और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
इसके बाद खुद को पुलिस अधिकारी बताने वाले अविनाश शिंदे नामक व्यक्ति ने हत्या केस सेटल करने के नाम पर फिर 7 लाख और 20 लाख रुपये मांगे।
80 लाख नकद, बाकी ऑनलाइन ट्रांसफर
लगातार धमकियों और मानसिक दबाव में आकर राहुल ने करीब 65 वर्षीय एक व्यक्ति को अलग-अलग किश्तों में लगभग 80 लाख रुपये नकद दिए।
इसके अलावा शेष रकम उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया खाते से ठगों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।
मानसिक रूप से टूटकर घर से निकले राहुल
14 दिसंबर को जब ठगों ने एक बार फिर बड़ी रकम की मांग की, तो मानसिक रूप से टूट चुके राहुल बिना किसी को बताए घर से निकल गए। पुलिस को आशंका है कि वह आत्महत्या के इरादे से निकले थे, लेकिन समय रहते पुलिस ने उन्हें सुरक्षित खोज लिया।
चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
राहुल का विस्तृत बयान दर्ज करने के बाद दिंडोशी पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब *कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन, और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस संगठित ठगी गिरोह की पहचान करने में जुटी है।



