ग्वालियर में प्रधान आरक्षक की आत्महत्या, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की पुलिस लाइन में रहने वाले प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने शनिवार रात अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घटना की जानकारी मिलते ही थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दीपक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक दीपक श्रीवास वर्तमान में थाटीपुर थाना में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। बताया जा रहा है कि दीपक को अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में नौकरी मिली थी। वे अपने परिवार के साथ पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहते थे।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम ड्यूटी से लौटने के बाद दीपक ने आराम करने की बात कहकर अपने कमरे में चले गए थे। पत्नी मेघा ने जब उन्हें खाना खाने के लिए बुलाया तो उन्होंने थोड़ी देर में आने की बात कही। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब दीपक बाहर नहीं आए, तो पत्नी कमरे के पास पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था और काफी देर तक खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। घबराकर पत्नी ने आसपास के लोगों को बुलाया और दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए—दीपक फंदे पर लटके हुए थे।
बताया जा रहा है कि दीपक की दो बेटियां, जिनकी उम्र 5 और 6 साल है, घटना की रात अपनी दादी के घर गई हुई थीं। पुलिस ने मृतक के भाई शिवम श्रीवास से भी पूछताछ की है। शिवम ने बताया कि परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था और न ही पति-पत्नी के बीच कोई तनाव था। उन्होंने यह भी कहा कि दीपक ने कभी ड्यूटी या काम के दबाव को लेकर कोई परेशानी जाहिर नहीं की थी।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा।



