हांगकांग की भीषण आग में 128 की मौत, 200 लापता — तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

हांगकांग में लगी भीषण आग ने पूरे एशिया को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 128 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस त्रासदी के बाद हॉन्गकॉन्ग सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। शनिवार को सरकारी मुख्यालय के बाहर तीन मिनट का मौन रखा गया, जिसमें हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली भी मौजूद रहे। सोमवार तक सभी सरकारी इमारतों पर झंडा आधा झुका रहेगा। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग सरकार ने इस हादसे के पीड़ितों की सहायता के लिए करोड़ 85 लाख डॉलर (38.5 मिलियन डॉलर) का एक विशेष राहत कोष बनाने की घोषणा की है।
40 घंटे तक जलती रही आग, 7 इमारतें खाक
यह भयावह आग बुधवार को ताई पो डिस्ट्रिक्ट के वांग फुक कोर्ट हाउसिंग इस्टेट में लगी थी। आग इतनी विकराल थी कि दमकल विभाग को इसे काबू में करने में 40 घंटे से अधिक समय लग गया। आग ने कुल 8 में से 7 इमारतों को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। शुक्रवार की सुबह जाकर इस पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, यह पिछले 75 वर्षों में हॉन्गकॉन्ग की सबसे भीषण आग है। इससे पहले वर्ष 1948 में एक गोदाम में लगी आग में 176 लोगों की मौत हुई थी।
इस हादसे से सबक लेते हुए चीन ने अब देशभर में बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा जांच अभियान शुरू कर दिया है। आपात प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान उन इमारतों पर विशेष रूप से केंद्रित रहेगा: जहाँ बाहरी मरम्मत का कार्य चल रहा है और जहाँ अंदरूनी ढांचे में बदलाव किए जा रहे हैं।
यह हादसा न सिर्फ हांगकांग बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि गगनचुंबी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।



