आधार कार्ड में बड़ा बदलाव: अब नहीं दिखेगा पता, जन्मतिथि और आधार नंबर

आधार कार्ड देशभर में पहचान पत्र के रूप में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज़ बन चुका है—चाहे लोन लेना हो, पासपोर्ट बनवाना हो या पैन कार्ड. यहां तक कि अधिकतर स्कूली बच्चों के भी आधार कार्ड बन चुके हैं।
लेकिन आधार के बहुत अधिक उपयोग से इसके दुरुपयोग की शिकायतें भी बढ़ी हैं। इसी को देखते हुए यूआईडीएआई (UIDAI) अब आधार के एक नए संस्करण को लाने की तैयारी में है, जिसमें गोपनीयता को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या होगा नए आधार कार्ड में?
यूआईडीएआई के प्लान के मुताबिक नए आधार कार्ड में:
- न तो पता (Address) दिखाई देगा
- न जन्मतिथि प्रिंट होगी
- न 12 अंकों का आधार नंबर लिखा होगा
- कार्ड पर केवल —
✔ फोटो
✔ एक सुरक्षित क्यूआर कोड
दिखाया जाएगा।
यह क्यूआर कोड स्कैन करने पर ही सीमित और आवश्यक जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे गोपनीयता और सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
क्यों ज़रूरी पड़ा यह बदलाव?
कई जगहों पर होटलों, कार्यक्रमों और निजी संस्थानों द्वारा आधार की फोटोकॉपी जमा कर ली जाती है।
इस तरह आधार नंबर और व्यक्तिगत जानकारी ऑफ़लाइन स्टोर हो जाती है, जिससे धोखाधड़ी और डेटा लीक का ख़तरा बढ़ता है।
UIDAI का कहना है कि:
- आधार को दस्तावेज़ के रूप में जमा करने की आदत खत्म करनी होगी
- वेरिफ़िकेशन केवल डिजिटल तरीकों से ही होना चाहिए
- ऑफ़लाइन फोटोकॉपी रखे जाने से गोपनीयता का बड़ा जोखिम है
दिसंबर से लागू हो सकते हैं नए नियम
UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने बताया कि दिसंबर से नए नियम लागू करने की योजना है।
इसमें खासकर ऑफ़लाइन वेरिफ़िकेशन को कम करना और डिजिटल प्रमाणीकरण को बढ़ावा देना शामिल है।
1 दिसंबर को इस प्रस्ताव की औपचारिक समीक्षा की जाएगी।
UIDAI ने लॉन्च किया नया आधार ऐप
नए ऐप के जरिए नागरिक:
- अपना एड्रेस प्रूफ़ अपडेट कर सकेंगे
- परिवार के उन सदस्यों को जोड़ सकेंगे जिनके पास मोबाइल फोन नहीं है
- फेशियल रिकग्निशन से मोबाइल नंबर अपडेट कर सकेंगे
आधार क्या है—और क्या नहीं?
- आधार पहचान का प्रमाण है
- लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है
- न ही यह जन्मतिथि का आधिकारिक प्रमाण है
हाल ही में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि केवल आधार नंबर के आधार पर किसी व्यक्ति को मतदाता सूची में नहीं जोड़ा जा सकता।
इसके अलावा आधार एड्रेस प्रूफ़ नहीं माना जाता।
इसके बदले पासपोर्ट, बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट, या रेंटल एग्रीमेंट को मान्यता दी जाती है।



