Cyber Crackdown: 96 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, गुरुग्राम पुलिस ने पकड़ा देशव्यापी साइबर फ्रॉड गिरोह

गुरुग्राम। देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसते हुए गुरुग्राम पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने देशभर में 96 करोड़ 72 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन 19 आरोपियों से जुड़ी 10,355 शिकायतें और 328 एफआईआर देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर, अभिषेक कुमार, अरविंद शर्मा, निशांत बंसल, अनंत चौबे (वाराणसी), जानवी (बादशाहपुर), मोहम्मद आविद (भरतपुर), पीयूष, अभिषेक, चेतन, देव सिंह, अल्ताफ अंसारी, नितिन कुमार, अरुण, मोनी, जूही, किरण, सिमरन और हिमांशु आविद (गौतमबुद्धनगर) के रूप में हुई है। आरोपियों में कुछ हरियाणा के हैं, जबकि कई उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसाते थे। वे कभी निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देते, कभी ‘सेक्सटॉर्शन’ के जरिए ब्लैकमेल करते और कभी ‘फेडेक्स फ्रॉड’ के तहत खुद को कस्टम या पुलिस अधिकारी बताकर डराते थे। इस गिरोह के शिकार आम नागरिकों से लेकर कारोबारी और एनआरआई तक बने।
गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
इन उपकरणों का डेटा इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि इन्हीं मोबाइल और सिम से देशभर में ठगी की हजारों घटनाएं संचालित की गईं। इन फोन नंबरों से लगभग हर राज्य से शिकायतें दर्ज हुई हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ हरियाणा में 16 मामले दर्ज हैं — जिनमें 2 केस साइबर अपराध थाना पूर्व और 5 केस साइबर अपराध थाना दक्षिण, गुरुग्राम में दर्ज हैं। एसीपी (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान ने बताया, “यह अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड नेटवर्क है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। गिरफ्तारी के बाद प्राप्त डेटा से स्पष्ट है कि आरोपी संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे। इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
यह कार्रवाई एसीपी प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में की गई। इस ऑपरेशन में गुरुग्राम के साइबर अपराध थाना पूर्व और दक्षिण की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। टीम में एएसआई कमलजीत, नरेंद्र, मुख्य सिपाही सुरेंद्र, विकाश, तारीफ और निरीक्षक कवर सिंह शामिल रहे।



