उदयपुर : मौसी के घर से भांजे ने उड़ाये 11 तोला सोने के जेवरात

उदयपुर के डबोक क्षेत्र में एक नाबालिग ने मौसी के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान घर से 11 तोला सोने के जेवरात चोरी कर अपने साथियों के साथ मिलकर बेच दिए। इस घटना में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और नाबालिग भांजे को डिटेन कर पूछताछ की। चोरी गए जेवरात सुनार से बरामद कर लिए गए हैं।
डबोक थानाधिकारी हुकुमसिंह ने बताया कि विनोद कुंवर, निवासी मोकमपुरा भादसोडा चित्तौड़गढ़, हाल बालाजी विहार डबोक, ने 12 अक्टूबर को मामला दर्ज कराया। पीड़िता ने बताया कि उसके भांजे का पालन-पोषण उसकी मौसी ने ही किया और वह बचपन से उसके साथ ही रह रहा था। 3 अगस्त को पीड़िता डिलेवरी के लिए महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में भर्ती हुई और उसके पति इंदौर व्यापार के लिए गए हुए थे। घर की देखरेख के लिए भांजे को छोड़ा गया था। पीड़िता के अनुसार, 9 अगस्त को अस्पताल से लौटने पर उसने देखा कि उसके भाई और परिवार के पुराने जेवरात गायब थे। बार-बार पूछने पर भांजे ने कबूल किया कि उसने जेवरात अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी कर दिए थे। इस पर पुलिस ने एएसआई मांगीलाल, कांस्टेबल रोहित कुमार, नितेश कुमार और उमेश की टीम के साथ नाबालिग को डिटेन किया और आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी। शीतल पाटीदार, लोकेश उर्फ ददु और रितेश त्रिवेदी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जेवरात सुनार शंकरलाल को बेचा था। पुलिस ने शंकरलाल को भी गिरफ्तार किया और उसके पास से 11 तोला सोना बरामद किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया। पुलिस ने बताया कि नाबालिग भांजा कुछ समय पहले इन आरोपियों के संपर्क में आया और ये सभी नशा करने के आदी थे। आरोपी ने जेवरात बेचकर प्राप्त राशि से नशे का सामान खरीदा और बाकी पैसा अन्य खर्चों में उड़ा दिया। यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि परिवार और भरोसे का लाभ उठाकर भी अपराध किया जा सकता है। साथ ही यह नाबालिगों के संरक्षण और उनके सामाजिक व नैतिक मार्गदर्शन की आवश्यकता को उजागर करती है।



