WHO की भारत में 3 कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में मिलावटी कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की है। श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर और शेप फार्मा की रीलाइफ इसमें शामिल है। WHO ने कहा यह तीनों सिरप गंभीर जोखिम पैदा करती हैं। ये जान के लिए खतरा पैदा करती हैं। WHO ने दुनियाभर के देशों से कहा है कि अगर उनके यहां ये दवाईयां मिल रही है तो इसकी जानकारी देनी होगी। कोल्ड्रिफ सिरप से मध्य प्रदेश में 5 साल से कम उम्र के 25 बच्चों की मौत हुई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा तय सीमा से ज्यादा थी, जिससे बच्चों की जान गई।
WHO ने भारत से पूछा था कि क्या कोल्ड्रिफ कफ सिरप विदेशों में भी निर्यात किया था। भारत ने कहा था कि मिलावटी दवा बाहर नहीं भेजी गई है और न ही अवैध निर्यात की कोई जानकारी है। तमिलनाडु स्थित कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी कोल्ड्रिफ सिरप बना रही थी। श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर दिया और कंपनी को आधिकारिक रूप से बंद कर दिया। कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार किया गया।
बच्चों की मौत के बाद श्रीसन फार्मा की यूनिट से कोल्ड्रिफ सिरप जब्त की गई। चेन्नई ड्रग्स टेस्टिंग लैब में सैंपल भेजे गए तो जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल किया गया था। श्रीसन फार्मा को तमिलनाडु फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन से लाइसेंस मिला था। यह कंपनी कांचीपुरम में महज 2000 वर्ग फीट के क्षेत्र में लोहे के शेड वाली छोटी सी फैक्ट्री में सिरप बना रही थी। कई नियमों के उल्लंघनों के बावजूद कंपनी बिना किसी रोक-टोक के अपना कारोबार करती रही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर में हेल्थ एडवाइजरी जारी की थी और दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप नहीं देने की अपील की।



